:
Breaking News

समस्तीपुर में मंदिरों को निशाना बना रहे चोर, दलसिंहसराय काली मंदिर से माता के आभूषण और दानपेटी चोरी, इलाके में सनसनी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर के दलसिंहसराय में काली मंदिर से चोरों ने माता की मूर्ति के सोने-चांदी के आभूषण और दानपेटी चोरी कर ली। लगातार मंदिरों में हो रही वारदातों से ग्रामीणों में गुस्सा।

समस्तीपुर/आलम की खबर:बिहार के समस्तीपुर जिले में मंदिरों को निशाना बनाने वाली घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला दलसिंहसराय अनुमंडल क्षेत्र से सामने आया है, जहां अज्ञात चोरों ने एक काली मंदिर में बड़ी वारदात को अंजाम देकर इलाके में सनसनी फैला दी। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश और दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

यह घटना दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के रामपुर जलालपुर गांव स्थित काली मंदिर की है, जहां चोरों ने माता की मूर्ति से सोने-चांदी के आभूषण और मंदिर में रखी दानपेटी पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्हें इस चोरी की जानकारी मिली।

सुबह पूजा के दौरान खुला चोरी का राज

जानकारी के अनुसार, घटना का खुलासा उस समय हुआ जब गांव की एक महिला रोज की तरह सुबह पूजा करने के लिए मंदिर पहुंची। जैसे ही उसने मंदिर का गेट खोला, अंदर का दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गई। माता काली की प्रतिमा पर लगा चांदी का मुकुट, गले में पहनाए गए आभूषण और अन्य कीमती जेवरात वहां से गायब थे।

इसके साथ ही मंदिर परिसर में रखी दानपेटी भी अपने स्थान पर नहीं थी। महिला ने तुरंत इसकी जानकारी गांव के अन्य लोगों को दी, जिसके बाद कुछ ही समय में बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए लोगों में नाराजगी फैल गई और पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया।

लाखों के आभूषण और दानपेटी लेकर फरार चोर

स्थानीय लोगों के अनुसार, चोर मंदिर से चांदी का मुकुट, सोने के कई आभूषण और दानपेटी लेकर फरार हो गए। ग्रामीणों का अनुमान है कि चोरी गए आभूषणों और नकदी की कुल कीमत करीब 10 से 15 लाख रुपये के आसपास हो सकती है।

ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में पिछले वर्ष भव्य प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता काली को सोने-चांदी के आभूषण अर्पित किए थे। उन्हीं में से एक श्रद्धालु द्वारा दिया गया चांदी का भारी मुकुट भी मंदिर में स्थापित था, जिसे चोर अपने साथ ले गए।

इस घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस जांच में जुटी, इलाके में छानबीन जारी

घटना की सूचना मिलते ही दलसिंहसराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्रों में भी सुराग जुटाने की कोशिश की।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोर किस समय मंदिर में घुसे और किस रास्ते से आकर वारदात को अंजाम देकर फरार हुए। आसपास लगे संभावित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।

हालांकि, अभी तक पुलिस को कोई ठोस सुराग या बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

लगातार बढ़ रही मंदिर चोरी की घटनाएं

ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में मंदिरों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कुछ ही दिन पहले दलसिंहसराय के डैनी चौक स्थित दुर्गा मंदिर में भी लाखों रुपये के आभूषण चोरी हो गए थे, लेकिन उस मामले में भी पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

इसके अलावा रोसड़ा, सिंघिया और समस्तीपुर नगर थाना क्षेत्र के कई काली मंदिरों में भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही इन वारदातों से लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को भी अब चोर सुरक्षित नहीं छोड़ रहे, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।

मंदिर सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

लगातार हो रही मंदिर चोरी की घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है, जिसका फायदा चोर उठा रहे हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि मंदिरों के आसपास गश्त बढ़ाई जाए और रात के समय निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द गिरफ्तारी की मांग

घटना के बाद गांव में गुस्से का माहौल है। लोग लगातार पुलिस से चोरों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी गए आभूषणों की बरामदगी की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। फिलहाल पूरे इलाके में इस चोरी की घटना को लेकर चर्चा तेज है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।

यह भी पढ़ें:

• समस्तीपुर जिले की अन्य आपराधिक घटनाएं —

धार्मिक स्थलों पर हो रही चोरी की घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं होते, बल्कि लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़े होते हैं।

लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। पुलिस गश्त, निगरानी और स्थानीय सहयोग से ही इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।

साथ ही यह भी जरूरी है कि जांच निष्पक्ष और तेज गति से आगे बढ़े, ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जा सके और लोगों का भरोसा बहाल हो सके।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *